Mata Karma Sewa Samiti

आरती

जय कर्मा मइया कि जय कर्मा मइया,
निज जन को भवसागर से, पार करो नइया,
जय जय कर्मा मइया,

जब जब पीर पडी स्वजनों पर, तुम दौडी आई,
मैया तुम दौडी आई,
विपदा हरी तैलकारों की
विपदा हरी तैलकारों की, तुमने ही माई,
जय जय कर्मा मइया,

साहू वंश उजागर किन्ही तुमने कल्याणी,
मैया तुमने कल्याणी,
स्वर वंचित तैलिक अधरों को तुमने दी वाणी,
जय जय कर्मा मइया,

मीरा सी महान दुर्गा सी दक्ष दुष्ट दलनी,
मैया दक्ष दुष्ट दलनी,
हे करूणामयी हमें शरण दो ,
हे करूणामयी हमें शरण दो माता दु:ख हरणी,
जय जय कर्मा मइया,

तेरी खिचडी खाने आये जगन्नाथ स्वामी,
मइया जगन्नाथ स्वामी,
धन्य धन्य माँ कर्मा जिनके,
धन्य धन्य माँ कर्मा जिनके भगवन अनुगामी,
जय जय कर्मा मइया,

कर्मा मइया की आरती जो कोई जन गावै,
मैया जो तुमको ध्यावे,
बेद राम लहे चारि पदारथ,
बेद राम लहे चारि पदारथ सुख सम्पत्ति पावै,
जय जय कर्मा मइया,